खैर (कत्था)
कत्था भारत में एक सुपरिचित वस्तु है, जो मुख्य रूप से पान में लगाकर खाने के
काम आता है। कभी-कभी औषधि और रंग के रूप में भी इसका प्रयोग होता है। कत्था 'खैर'
नामक वृक्ष की भीतरी कठोर लकड़ी से निकाला जाता है। खैर के वृक्ष भारत भर में,
विशेषत: सूखे क्षेत्रों में पाए जाते हैं। खैर का वृक्ष वनस्पति विज्ञान में, असली
कैटिचू किस्म का कहा जाता है। यह पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश में गढ़वाल और
कुमाऊँ, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तरी कनारा और दक्षिण में गंजाम तक पाया जाता है।
इसका पेड़ बहुत बड़ा होता है और प्राय; समस्त भारत में से पाया जाता है लेकिन उत्तर
प्रदेश के खैर शहर मे ये अधिक मात्रा मे पाया जाता है। इसके हीर की लकड़ी भूरे रंग
की होती हैं, घुनती नहीं और घर तथा खेती के औजार बनाने के काम में आती है। बबूल की
तरह इसमें भी एक प्रकार का गोंद निकलता है और बड़े काम का होता है।
