श्रीवत्स
श्रीवत्स चिह्न का हिन्दु, बोद्ध तथा जैन धर्मावलम्बियों में विशेष महत्त्व है। श्री + वत्स का अर्थ होता है -लक्ष्मी पुत्र ।
श्रीवत्स का उल्लेख हिन्दू पौराणिक ग्रंथ महाभारत में हुआ है। महाभारत शान्ति पर्व के अनुसार यह भगवान नारायण के वक्ष:स्थल में भगवान शंकर के त्रिशूल से बना चिह्न है। [महाभारत शान्ति पर्व 342.134]
भागवत और विष्णु पुराण के अनुसार यह अगूँठे के बराबर सफेद बालों का एक समूह है, जो भगवान विष्णु के वक्ष:स्थल पर है और दक्षिणावर्त्त भौंरी के आकार का कहा गया है।
इसे भृगु ऋषि का पद चिह्न माना जाता है।[भागवत तथा विष्णु पुराण 10.89.9-12]